Eco-friendly Ganesh festival: More than seven thousand clay idols installed in the city | इको…

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शहर में 10 दिवसीय गणेश उत्सव को लेकर अलग ही उत्साह है। शहर इन दिनों गणेशमय हो गया है। हर गली मोहल्ले के लोग गजानन महाराज की पूजा अर्चना में रमे हुए हैं। सुबह और शाम दोनों समय विशेष रूप से पूजा हो रही है। सबसे अधिक रोमांच छोटे बच्चों में है। इस बार गणेश उत्सव का खास आकर्षण है दैनिक भास्कर के मिट्टी के गणेश अभियान के तहत मिट्टी के गणेश की करीब 7 हजार मूर्तियां।
इस पहल ने न केवल पर्यावरण की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है, बल्कि समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता भी उत्पन्न की है। शहर के रामदेव रोड, केशव नगर, बापूनगर, सरदार पटेल नगर, भटवाड़ा, सुभाष नगर, हाउसिंग बोर्ड और सोसायटी नगर में सजे हुए पंडालों में हर दिन पूजा अर्चना की जा रही है। यहां की सजावट, रंग-बिरंगे फूलों, रोशनियों और विभिन्न धार्मिक वस्त्रों से सजती है, जो देखते ही बनती है। इन पांडालों में श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ आकर गणेश जी की पूजा करते हैं, जिससे पूरे माहौल में भक्ति और उल्लास की लहर है।
कई जगह गोबर से बनाई मूर्तियां : कई लोगों ने इस बार गोबर गणेश की स्थापना भी की है। मिट्टी के गणेश की स्थापना का यह आंकड़ा इस साल के उत्सव को विशेष बना रहा है, क्योंकि यह न केवल धार्मिक परंपराओं का पालन करता है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी फैलाता है। बहुत से श्रद्धालुओं ने गोबर गणेश की स्थापना भी की है। गोबर से बने गणेश की यह परंपरा न केवल भारतीय संस्कृति को जीवित रखती है, बल्कि यह पूरी तरह से जैविक और पर्यावरण-फ्रेंडली है, जो प्लास्टिक और अन्य रासायनिक अवयवों से दूर रहती है।