पुतिन संग मुलाकात से पहले पीएम मोदी ने जेलेंस्की से की बात, बोले- ‘भारत देगा पूरा साथ’

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (30 अगस्त, 2025) को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से फोन पर बातचीत की. उन्होंने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए हर संभव सहयोग देने की भारत की प्रतिबद्धता से अवगत कराया.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘राष्ट्रपति जेलेंस्की को आज उनके फोन कॉल के लिए धन्यवाद. हमने चल रहे संघर्ष, इसके मानवीय पहलू, शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. भारत इस दिशा में सभी प्रयासों को पूर्ण समर्थन देता है.
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी किया ट्विट
वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्विट कर कहा, ‘मैंने वाशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ यूरोपीय नेताओं की भागीदारी वाली बातचीत के बारे में पीएम मोदी को जानकारी दी. यह एक उपयोगी और महत्वपूर्ण बातचीत थी, जिसमें वास्तविक शांति कैसे प्राप्त की जाए, इस पर साझेदारों के बीच एक साझा दृष्टिकोण सामने आया. यूक्रेन ने रूस के प्रमुख के साथ बैठक के लिए अपनी तत्परता की पुष्टि की.
लगभग दो हफ़्ते बीत चुके हैं और इस दौरान, जब रूस को कूटनीति की तैयारी करनी चाहिए थी, मास्को ने कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया है, केवल नागरिक ठिकानों पर निंदनीय हमले किए हैं और हमारे दर्जनों लोगों को मार डाला है. मैं प्रधानमंत्री को पीड़ितों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति उनकी संवेदना के लिए धन्यवाद देता हूं.
शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन में PM मोदी
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत और यूक्रेन के नेताओं ने दोनों देशों के बीच साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और एक-दूसरे के हित वाले सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की. यह बातचीत उस समय हुई है, जब प्रधानमंत्री मोदी चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में शामिल होने वाले हैं और वहां वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे.
अमेरिकी टैरिफ की भारत की ओर से आलोचना
यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने भारत की ओर से रूस से तेल खरीदने पर नाराजगी जताते हुए कई भारतीय वस्तुओं पर 50% तक भारी टैरिफ (शुल्क) लगा दिए हैं. अमेरिकी सरकार का आरोप है कि भारत रूस से व्यापार करके यूक्रेन युद्ध को आर्थिक मदद दे रहा है. भारत ने अमेरिका की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है और इन टैरिफ को ‘अनुचित और गलत’ बताया है.
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