Japanese Mayumi said to PM Modi- ‘Come to my country’ | जापानी मायुमी ने PM मोदी को कहा- ‘पधारो…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब जापान में ‘पधारो म्हारे देश व राजस्थानी भजन ‘वारी जाऊं रे’ जापानी महिलाओं के मुंह से सूना तो वे तालियां बजाए बिना नहीं रह सके। दरअसल PM मोदी 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए टोक्यो पहुंचे है
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PM मोदी के टोक्यो पहुंचने पर भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची, जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया। इस दौरान राजस्थानी परिधान पहने जापानी महिलाओं ने राजस्थानी भजन “वारी जाऊं रे बलिहारी जाऊं” गाकर मोदी का स्वागत किया। साथ ही पधारो म्हारे देश कहकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल जीत लिया।
मायुमी उर्फ मधु अपनी स्टूडेंट्स के साथ PM मोदी के साथ।
जापानी की मायुमी बनी ‘राजस्थानी मधु’
राजस्थानी ड्रेस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने वाली जापान की मायुमी को हिंदी बोलते देख मोदी खुद हैरान हुए। जापान की मायुमी का भारतीय नाम मधु है। वो पिछले 10 सालों से राजस्थान आ रही है और यहां उसने कालबेलिया डांस, हिंदी भाषा और राजस्थानी भजन सीखे। मोदी के सामने वो अपनी 2 जापानी स्टूडेंट के साथ स्वागत में खड़ी रही। जब PM मोदी ने कुछ गाने के लिए बोला तो मधु ने राजस्थानी भजन वारि जाऊं रे, बलिहारी जाऊं रे’ सुनाया।
फ्रेंच डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘लच्चो द्रोम’ से बदली जिंदगी
मधु ने बताया- 2010 मे फ्रेंच डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘लच्चो द्रोम’ (सुरक्षित यात्रा) देखी, जो रोमन लोगों की उत्तर-पश्चिमी भारत से लेकर स्पेन तक की यात्रा की कहानी है। फिल्म में कालबेलिया नृत्य के बारे में भी दिखाया गया। यहीं से मायूमी का कालबेलिया से लगाव शुरू हो गया। वो इस नृत्य से इतनी प्रभावित हुईं कि इसे जानने-समझने के लिए भारत आ गईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तालियां बजाकर सबको बधाई दी।
जोधपुर की आशा सपेरा है मधु की गुरु
मधु बताती है- मुझे हिंदुस्तान बहुत अच्छा लगा और राजस्थान मेरा दूसरा घर है। करीब 11 साल पहले एक फिल्म में कालबेलिया डांस देखा और उसे देखकर मैने रोना शुरु किया तो खुद को रोक ही नहीं पाई। यह पहला मौका था जब मुझे इसे सीखने की जिज्ञासा हुई। सोशल मीडिया पर कालबेलिया डांस को सर्च किया तब जोधपुर की कालबेलिया डांसर आशा सपेरा का वीडियो देख उसे मन ही मन गुरु माना।
उसके बाद मधु राजस्थान आई और जोधपुर में आशा सपेरा से कालबेलिया डांस सीखा। उसने अपना नाम बदला और हिंदी भाषा भी सीखी। राजस्थानी लोक कला और डांस में अब वो इतनी निपुण हो गई है कि इस कला को दूसरों को सीखा भी रही है।
2015 से सिखा रही डांस
मधु ने बताया- जब भी राजस्थान आती थी तो यहां के वीडियो बनाकर ले जाती थी और जापान में प्रैक्टिस करती थी। साल 2015 के बाद से मैनें सीखने के साथ साथ टोक्यो में सिखाना भी शुरू किया। वर्तमान में मधु के 50 से भी ज्यादा स्टूडेंट है, जिनके साथ हर रविवार को नृत्य के साथ राजस्थानी गीत के लिरिक्स पढ़ने के साथ साथ उनका अर्थ जानते है और गायन करते है। मधु का कहना है कि उसको इस कला से इतना प्यार है कि वो जापान में अपने घर में भी राजस्थानी ड्रेस ही पहनना पसंद करती है।
मियामी जापान स्थित भारतीय दूतावास में होने वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं।
हर साल दो बार आती है भारत
वे हर साल 2 बार सिर्फ कालबेलिया सीखने भारत आती हैं। कॉर्पोरेट कंपनी में जॉब करने वाली मायूमी जापान के 2 शहरो टोक्यो और सपोरो में कालबेलिया डांस की क्लास ले रही हैं। अब तक 50 से भी ज्यादा जापानियों को सीखा भी चुकी हैं। मियामी जापान स्थित भारतीय दूतावास में होने वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं। उन्होंने राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के 10वें संस्करण में भी राजस्थानी डांस की परफॉर्मेंस दी।
जापान में राजस्थानी संस्कृति को कर रही प्रमोट
हर साल राजस्थान में आकर मधु राजस्थानी संस्कृति में रम गई और जापान की ये लड़की मधु बन गई। मधु जापान में राजस्थानी संस्कृति को प्रमोट कर रही है। मधु जापान में लोगों को नृत्य सिखाती है। मधु जापान के भारतीय दूतावास के आयोजन में या राजस्थान की संस्कृति को पसंद करने वाले लोगों के आयोजन में परफोर्म करती है। मधु का राजस्थानी नृत्य करना शौक है, न कि पेशा।
मधु बताती है कि जब वो किसी राजस्थानी नृत्य को या रावण हत्था, अलगोजा, खड़ताल जैसे वाद्य यंत्रों की आवाज सुनती है तो उनकी धुन पर पैर थिरकने लगते हैं। वो इन गीतों को बखूबी गाती भी है। मधु ने बताया कि उसको राजस्थान का पहनावा, भोजन, नृत्य, फॉक गीत इतने पंसद आए कि इन सबके साथ रहने की ललक पैदा हो गई। अब वो हर साल यहां आती है। यहां आकर उसने राजस्थानी गीतों के साथ- साथ हिन्दी भी सीखी। अब सब उसे मायूमी नहीं मधु के नाम से पुकारते हैं।
जापान में कालबेलिया डांस सिखाती है मधु।