Google का बड़ा फैसला! अब नहीं डाउनलोड होंगे अनजाने ऐप्स, ऐसे बढ़ेगी यूजर्स की सेफ्टी, जानें…

Android Apps: गूगल ने एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर ऐप इंस्टॉलेशन से जुड़े बड़े बदलाव का ऐलान किया है. सितंबर 2026 से केवल वही ऐप्स सर्टिफाइड एंड्रॉइड डिवाइसों पर इंस्टॉल किए जा सकेंगे जो वेरिफाइड डेवलपर्स द्वारा पंजीकृत होंगे. इसका मतलब है कि यूज़र्स अब अनजान या अप्रमाणित सोर्स से APK फाइल्स साइडलोड नहीं कर पाएंगे.
गूगल का कहना है कि यह कदम एंड्रॉइड को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है. अक्सर हैकर्स मालवेयर और धोखाधड़ी वाले ऐप्स इन्हीं APKs के ज़रिए फैलाते हैं. अब डेवलपर्स की पहचान अनिवार्य करने से उनकी जवाबदेही तय होगी और नकली नाम या फर्जी अकाउंट के पीछे छिपना मुश्किल हो जाएगा.
नया सिस्टम कैसे काम करेगा?
गूगल ने साफ किया है कि यह नीति ऐप्स की सामग्री की जांच नहीं करेगी बल्कि सिर्फ डेवलपर की पहचान को सत्यापित करेगी जैसे किसी आईडी चेक की तरह. इसके लिए डेवलपर्स को दो चरण पूरे करने होंगे:
- डेवलपर को अपना पूरा नाम, पता, फोन नंबर और ईमेल देना होगा. संगठनों को D-U-N-S नंबर, आधिकारिक वेबसाइट और गवर्नमेंट आईडी जमा करनी होगी.
- डेवलपर को ऐप का पैकेज नेम और ऐप साइनिंग कीज़ देकर उसके स्वामित्व का सबूत देना होगा.
जो डेवलपर पहले से Google Play Store पर पब्लिश कर रहे हैं उनके लिए यह प्रक्रिया लगभग पूरी मानी जाएगी और उनके ऐप्स ऑटोमेटिक रूप से रजिस्टर्ड हो जाएंगे. लेकिन जो Play Store से बाहर ऐप वितरित करते हैं उनके लिए एक नया Android Developer Console लॉन्च किया जाएगा.
प्राइवेसी को लेकर आश्वासन
शौकिया डेवलपर्स की चिंता को ध्यान में रखते हुए गूगल ने कहा है कि इस प्रक्रिया में ली गई व्यक्तिगत जानकारी पब्लिक नहीं की जाएगी. यह केवल पहचान वेरिफाई के लिए इस्तेमाल होगी.
कब लागू होगा नया नियम?
गूगल ने इस पॉलिसी को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का रोडमैप साझा किया है:
अक्टूबर 2025: चुनिंदा डेवलपर्स के लिए अर्ली एक्सेस शुरू होगा.
मार्च 2026: वेरिफिकेशन सभी डेवलपर्स के लिए वैश्विक स्तर पर उपलब्ध होगा.
सितंबर 2026: ब्राज़ील, इंडोनेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड में यह अनिवार्य हो जाएगा.
2027 और आगे: धीरे-धीरे यह नियम पूरी दुनिया में लागू होगा.
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