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Baat Khari Hai Kirori Lal Meena VS Hanuman Beniwal Video | Dholpur fake ADG arrested | भर्ती…

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आज बात खरी है में पढ़िए राजस्थान का सबसे चर्चित किस्सा मंत्री और सांसद के भिड़ने का। एक-दूसरे को चोर-लुटेरा-बिकाऊ तक बोल दिया। अब सरगर्मियां तेज हैं। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की खरी-खरी सुनिए…

1. भिड़ गए मंत्री-सांसद

दो नेता। बाबा किरोड़ी और हनुमान बेनीवाल। दोनों दिग्गज। SI भर्ती रद्द होने के बाद एक चैनल ने फोन लाइन पर दोनों को जोड़ा। ऐसा लगा जैसे फोन लाइन पर पुतिन और ट्रंप जुड़ गए हों। दोनों तरफ से शब्दों की मिसाइलें चलीं। कोई किसी से कम नहीं। शब्दों को चाबुक बनाकर दोनों नेताओं ने खूब फटकार लगाई। अंदाज ही दोनों का ऐसा है, जिसने सुना उसने मौज ही ली।

नेता भिड़े तो कार्यकर्ता कहां पीछे रहते। सोशल मीडिया को अखाड़ा बना लिया। अपने-अपने नेता के समर्थन में तर्कों के बादल फटने लगे। किसी ने हनुमान बेनीवाल के धरने को क्रेडिट दिया। किसी ने कहा-कानून को सबूत चाहिए, सबूत किरोड़ी बाबा ने दिए। खैर, राजस्थान हाईकोर्ट ने भर्ती को रद्द किया। कुछ और पद बढ़ाकर नए सिरे से नई भर्ती निकालने का सुझाव दिया। राजनीति में श्रेय लेने की जंग चलती है। चलती रहेगी।

2. नेताजी की श्रीमतीजी को नहीं मिला फ्री इलाज

फजीहत से बचना है तो नियमों की जानकारी रखो। बात बिल्कुल खरी है। सरकारी विभाग हमेशा राजनीति के अधीन रहते हैं। यही सबसे बड़ा नियम है। यूं भी सियासतदां को छेड़ना मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डालने से कम नहीं। जोधपुर एम्स के अधीक्षक ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और मौजूदा सांसद की पत्नी को सरकारी हॉस्पिटल में फ्री इलाज नहीं दिया। नियमों का हवाला दे डाला।

फिर क्या था…सांसद जी का पारा हाई। माननीय ने उसी शाम अधीक्षक महोदय को हवेली पर तलब कर लिया। जमकर खरी-खोटी सुनाई। नियम गिना दिए। अधीक्षक का जी भर आया। मन पर चोट लगी। आत्मसम्मान डिगा। इस्तीफा दे डाला। खामियाजा भुगतना ही था। जल्द ही ऊपर से एक ई-मेल घूमा। इसमें नियमों का हवाला दिया गया। कहा गया- माननीय और उनके परिवारों के साथ सही बर्ताव करें और उचित देखभाल भी। अब अधीक्षक साहब हैं चुप। इस्तीफा टेबल पर है। आगे की रामजी जानें।

जोधपुर एम्स के अधीक्षक को पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने घर बुलाकर जमकर खरी-खोटी सुनाई और नियमों का हवाला दिया।

3. नीली बत्ती की कार में देशाटन को निकले फर्जी ADG

धौलपुर पुलिस के हाथ लग गए फर्जी एडीजी। खुद को नेशनल सिक्योरिटी कॉप का एडीजी बताया। अधिकारी हैरान। पता चला कि ऐसा कोई पद ही नहीं। इतना बड़ा अधिकारी फुल वर्दी में खुद नीली बत्ती की कार ड्राइव कर रहा। माथा ठनका। गवर्नमेंट ऑफ इंडिया लिखी सफेद कार रुकवाई। एडीजी साहब फुल कॉन्फिडेंस में। हौसला इतना कि पुलिस को देखकर भी मजाल है जो रत्ती भर नर्वस हुए हों। उल्टे रौब झाड़ा।

पुलिस ने सवालों की झड़ी लगाई तो फर्जीवाड़े की हवा निकली। पता चला कि महाराज पश्चिम बंगाल के चंदन नगर (हुबली) के सुप्रियो मुखर्जी (45) हैं। अपनी कार से वाइफ को लेकर देश भ्रमण पर निकले हैं। तलाशी में हथियार और नकली आईडी निकल आईं। धौलपुर की सदर पुलिस ने हवालात में बैठा दिया। जनाब बोले- टोल टैक्स बचाना था, इसलिए वर्दी पहनी। पुलिस ने तुरंत जन्म कुंडली निकाली। पता चला कि पहले से ठगी के 3 केस दर्ज हैं। चौथा यहां हो गया।

प. बंगाल के चंदन नगर (हुबली) के आरोपी मुखर्जी को धौलपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।उस पर पहले से ठगी के 3 मामले दर्ज हैं।

4. चलते-चलते… अब चलते-चलते किस्सा पाली के सुमेरपुर का। बात है चोरी की, चोरों की। रात के अंधेरे में 7 चोर सुमेरपुर के पुराड़ा गांव में घुसे। गलियां सीसीटीवी से लैस। करतूत कैद हो गई। एक चोर ने चुन्नी ओढ़ी। दूसरे ने लंगड़ाने की एक्टिंग की। चेहरा पोटली से ढका। एक चोर सफेद स्कूटी खिसकाते निकला। कैमरा देख झुककर फुर्र।

चोरों ने 6 मकान खंगाले। ज्वेलरी-कैश, स्कूटी-बाइक ले भागे। जाग हुई तो पत्थर फेंके। सभी नंगे पैर, ताकि खतरा हो तो बिना आहट सरपट दौड़ें। अब गांव वालों में पुलिस गश्त को लेकर सवाल है। खाकीवालों के पास एक ही जवाब-तलाश कर रहे हैं, जल्दी पकड़ लेंगे।

पाली के सुमेरपुर में चोर सीसीटीवी में कैद हुए। इसमें चोर स्कूटी चुराकर निकलते दिखे। एक चोर लंगड़ाने की एक्टिंग करके निकला। तीसरे ने सीसीटीवी से बचने के लिए चुन्नी का सहारा लिया।

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