Drainage system will improve; 5.5 km new line will be laid, waterlogging problem of half of…

शहर के सरकारी गर्ल्स कॉलेज के पीछे भरने वाले करीब आधे शहर के बरसाती व गंदे पानी की निकासी अगले एक महीने में होने लगेगी। नगर परिषद ने यहां नया ड्रेनेज सिस्टम बनाने का काम शुरू कर दिया है। कॉलेज से गेनाणी तक करीब साढ़े 5 किमी की 600 एमएम की नई डीआई पाइप
.
अधिकारियों का कहना है कि नई पाइप लाइन डालने का करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शेष काम को अगले 20-25 दिन में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद कॉलेज के पिछवाड़े विभिन्न बस्तियों एवं वार्डों का आने वाला पानी इकट्ठा नहीं होगा। कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति समाप्त हो जाएगी। बतादें कि शहर में जलभराव के दो मुख्य केंद्र हैं।
पहला जौहरी सागर व दूसरा कॉलेज मैदान है। इन जगह बारिश के जलभराव को गाजसर गेनाणी में छोड़ा जाता है। इन दोनों केंद्रों पर पूरे शहर का बारिश का पानी इकट्ठा होता है। जौहरी सागर में नया पंपिंग स्टेशन बनाने एवं मोटरें बदलने के बाद कुछ घंटों में पानी की निकासी होने लगी है। रिटायर्ड सफाई निरीक्षक संतलाल स्वामी का कहना है कि करीब 25 साल पहले लोहिया कॉलेज खेल मैदान (वर्तमान में गर्ल्स कॉलेज) में तत्कालीन चेयरमैन रमाकांत ओझा के कार्यकाल में डिग्गी बनाई गई थी। उस समय जीआरपी लाइन डाली गई थी, जो प्लास्टिक की थी। ये लाइन 80 एचपी की मोटर चलाते ही जगह-जगह से टूट हो जाती है, जिससे गेनाणी तक पानी छोड़ने में समस्या खड़ी हो गई।
अब यहां गर्ल्स कॉलेज बन गया है, लेकिन पिछवाड़े डिग्गी में आसपास के एरिया टाउनहॉल, वार्ड 35, 36, सैनिक बस्ती, जयपुर पुलिया, बाबोसा मंदिर वाली गली, बीओबी बैंक के आगे, ताजूशाह तकिया, गांधीनगर कॉलोनी, नई सड़क, लोहिया कॉलेज, डीबीएच के सामने बारिश के पानी का जलभराव होता है। इस डिग्गी से पानी निकासी नहीं होने से इन सालों में नए-नए जलभराव के केंद्र बन गए। नगर परिषद एक्सईएन पूर्णिमा यादव का कहना है कि अब कॉलेज से गेनाणी तक करीब साढ़े 5 किमी 600 एमएम की डीआई लाइन डाली जा रही है। इसके बाद कॉलेज के मैदान उच्च क्षमता की मोटरें लगाकर जलभराव निकासी की जाएगी। यहां पंपिंग स्टेशन बनेगा, जिससे कई इलाकों में जलभराव, गंदे पानी की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
जौहरी सागर के साथ गर्ल्स कॉलेज के पीछे जलभराव की समस्या के समाधान के प्रोजेक्ट के तहत डीआई लाइन डाली जा रही है। इसके बाद आसपास के वार्डों एवं सड़कों पर जलभराव की समस्या कम हो जाएगी। पानी निकासी जल्दी हो सकेगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी। ये काम आगामी 20-25 दिन में पूरा कर लिया जाएगा। -अभिलाषासिंह, आयुक्त, नगर परिषद