24×7 PSO received demand Y-Plus security Rahul-priyanka Gandhi vishesh Shishir lucknow high…

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ केस लड़ रहे BJP नेता को हाईकोर्ट ने सुरक्षा देने का आदेश दिया है। नेता ने अपनी जान का खतरा बताते हुए Y+ श्रेणी की सुरक्षा मांगी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसके लिए सरकार से रिपोर्ट मांगी है। स
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BJP नेता एस. विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर रिट दायर की है। विग्नेश शिशिर ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि उनके परिवार पर लगातार जानलेवा हमले हो रहे हैं। उन्हें भी जान का खतरा है। इसलिए उन्होंने सुरक्षा मांगी थी।
हाईकोर्ट ने तत्काल रूप से एस. विग्नेश शिशिर को निजी सुरक्षा अधिकारी देने का आदेश दिया है। साथ ही सरकार से यह जानकारी मांगी है कि विग्नेश को Y+ श्रेणी की सुरक्षा कैसे दी जाएगी इसकी एक रिपोर्ट 6 हफ्ते के अंदर प्रस्तुत करें। उसके बाद आगे इस संबंध में डिटेल्ड ऑर्डर पास किया जाएगा।
हाईकोर्ट में दाखिल की थी याचिका
एस. विग्नेश शिशिर ने 28 अगस्त को हाईकोर्ट की डबल बेंच (न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह) के समक्ष याचिका दाखिल कर ऑल इंडिया Y-Plus कैटेगरी की केंद्रीय सुरक्षा देने की मांग की थी। उनका कहना था कि राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता और प्रियंका गांधी वाड्रा की उम्मीदवारी से जुड़े मामलों की वजह से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
एस विग्नेश ने उनके बेंगलुरु वाले घर पर हमले की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर डाली है।
राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता का मुद्दा
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने CBI और अन्य जांच एजेंसियों के सामने सबूत पेश किए हैं कि राहुल गांधी ने लंदन में 2003 में रजिस्टर्ड एक कंपनी में अपनी पहचान ब्रिटिश नागरिक के तौर पर दर्ज कराई थी। इस मामले की जांच फिलहाल CBI की एंटी करप्शन-II शाखा, नई दिल्ली कर रही है।विग्नेश शिशिर ने यह भी दावा किया कि वे प्रियंका गांधी वाड्रा की लोकसभा सदस्यता को चुनौती देने के लिए क्वो-वारंट याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया में हैं।
विग्नेश शिशिर ने प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ पीआईएल केरल हाईकोर्ट में डाली है।
BJP नेता ने खुद रखीं दलीलें
दिलचस्प बात यह रही कि विग्नेश शिशिर ने कोर्ट में खुद ही बहस की। उन्होंने कहा कि उन्होंने आयकर, मनी लॉन्ड्रिंग, NGO फंडिंग, चुनावी खर्च, बेनामी और आतंकी फंडिंग जैसे मामलों में जांच एजेंसियों की मदद की है। इसी कारण उन्हें गंभीर खतरा है।
लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है। लिहाजा गृह मंत्रालय को निर्देश दिया गया कि उन्हें केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर से 24×7 एक PSO दिया जाए।
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राहुल गांधी की नागरिकता रद्द होगी, याचिका ठोस है। हमने गृह मंत्रालय और हाईकोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए हैं। भारत सरकार ने मामले पर ब्रिटेन सरकार से भी संपर्क किया है, लेकिन वहां से अब तक जवाब नहीं आया है। कुछ गोपनीय साक्ष्य भी CBI को सौंपे हैं। हमने रायबरेली MP/MLA कोर्ट में 150 IPC के तहत एक अलग FIR दर्ज कराने की तैयारी की है। (पूरा इंटरव्यू पढ़िए)