थाईलैंड की पीएम पैतोंगटार्न शिनावात्रा को कोर्ट ने ठहराया अयोग्य, एक साल में ही पद से हुईं…

थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा के खिलाफ नैतिक मानकों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए थाई संवैधानिक कोर्ट ने एक साल के कार्यकाल के बाद ही उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया है. थाई कोर्ट का कहना है कि प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न के पास संविधान के तहत योग्यता का अभाव है.
कोर्ट के आदेश के बाद अब थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई और वर्तमान मंत्रिमंडल सरकार की देखरेख करेंगे, जब तक कि देश में नए प्रधानमंत्री का चयन ना हो जाए. इसकी तारीख सदन के अध्यक्ष की ओर से तय की जाएगी.
प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवारों का नाम
थाईलैंड में साल 2023 के चुनाव से पहले घोषित उम्मीदवारों में से 5 योग्य उम्मीदवार शेष हैं. 77 वर्षीय चाइकासेम नीतिसिरी, जो पूर्व न्याय मंत्री और अटॉर्नी जनरल हैं, ने कहा कि वे इस पद के लिए आगे आने को तैयार हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री की दावेदारी के लिए 58 वर्षीय अनुतिन चार्नविराकुल का भी नाम सामने आ रहा है, जो पूर्व आंतरिक मंत्री और उप प्रधानमंत्री थे. उनकी भूमजैथाई पार्टी ने जून में पैतोंगटार्न के साथ गठबंधन कर लिया था.
थाईलैंड में वर्तमान ऊर्जा मंत्री पिरापन सलीरथविभागा, पूर्व उप-प्रधानमंत्री जुरिन लक्सनाविसित और पूर्व प्रधानमंत्री प्रयुथ चान-ओचा भी इस पद के लिए योग्य दावेदार हैं. 71 वर्षीय प्रयुथ राजनीति से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और वर्तमान में शाही सलाहकार हैं. इससे पहले वो जनरल भी थे और उन्होंने 2014 में पिछली फ्यू थाई सरकार के खिलाफ तख्तापलट का नेतृत्व किया था.
उम्मीदवारों के चयन की ये है प्रक्रिया
अब उम्मीदवार बनने से पहले सदन में कम से कम 50 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है. उसके बाद प्रधानमंत्री बनने के लिए निचले सदन के मौजूदा 492 सदस्यों में से आधे से ज्यादा यानि 247 वोटों की जरूरत पड़ती है. यदि उम्मीदवार पद की योग्यता के लिए असफल रहा तो फिर से सदन की बैठक बुलाई जाएगी और यही प्रक्रिया दोहराई जाएगी. इस प्रक्रिया की कोई समय सीमा नहीं है.
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