‘एक महीना, एक शख्स, दो बयान’, 75 साल में रिटायरमेंट को लेकर मोहन भागवत पर कांग्रेस का तंज

कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की 75 साल की उम्र से संबंधित ताजा टिप्पणी को लेकर शुक्रवार (29 अगस्त, 2025) को उन पर कटाक्ष किया और कहा कि उन्होंने एक महीने में दो विपरीत बयान दिए हैं.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उनके दो बयानों से संबंधित खबर साझा करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘एक महीना, एक व्यक्ति, दो विपरीत बयान.’ दरअसल मोहन भागवत ने गुरुवार (28 अगस्त, 2025) को कहा था कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि वह 75 साल की उम्र में पद छोड़ देंगे या किसी को इस आयु में संन्यास ले लेना चाहिए.
अगले महीने 75 साल के होंगे पीएम मोदी और RSS प्रमुख
संघ प्रमुख की इस टिप्पणी ने नेताओं के संन्यास लेने संबंधी उनकी हालिया टिप्पणी पर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में देखा जा रहा था. पीएम मोदी और मोहन भागवत, दोनों प्रमुख अगले महीने 75 वर्ष के हो जाएंगे.
मोहन भागवत ने अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए पूर्व आरएसएस नेता मोरोपंत पिंगले के एक उदाहरण का हवाला दिया. उनसे पूछा गया कि क्या 75 साल के बाद राजनीति से रिटायर हो जाना चाहिए? सवाल के जवाब में मोहन भागवत ने कहा कि मैंने ये बात मोरोपंत के बयान का हवाला देते हुए उनके विचार रखे थे.
‘किसी भी समय रिटायर होने के लिए तैयार’
उन्होंने कहा कि मैंने यह कभी नहीं कहा कि 75 साल में रिटायर हो जाना चाहिए. 75 साल की उम्र में मैं रिटायर हो जाऊंगा या किसी और को रिटायर हो जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम जिंदगी में किसी भी समय रिटायर होने के लिए तैयार हैं. अगर संघ हमसे जिस भी समय तक काम कराना चाहेगा तो हम उस समय तक संघ के लिए काम करने के लिए तैयार हैं. अगर 80 साल की उम्र में संघ कहेगा कि आओ शाखा चलाओ, तो मुझे करना ही होगा.
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