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Bharatpur Commandant Corruption Case; 7th RAC Battalion | Driver | RAC बटालियन के कमांडेंट पर…

भरतपुर जिले की 7वीं RAC बटालियन के कमांडेंट और MTO (मोटर टेक्निकल ऑफिसर) पर रिश्वतखोरी का आरोप लगा है। जिसकी जांच ACB की टीम कर रही है। जबकि खुद कमांडेंट बांसवाड़ा ACB में एडिशनल एसपी के पद पर रहे चुके हैं।

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RAC के ड्राइवर के आरोप है कि उसने कमांडेंट के बेटे के अकाउंट में 10 हजार रुपए डाले है। हालांकि कमांडेंट के बेटे ने बैंक को शिकायत देते हुए बताया है कि जिसके अकाउंट से मेरे अकाउंट में पैसे आये उन्हें वापस कर दिया जाए।

MTO ने की थी डील दरअसल RAC के ड्राइवर कॉन्स्टेबल ने ACB को 27 अगस्त को एक शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि उसका पदस्थापन कोटपूतली कर दिया है। जिसको वह रुकवाना चाहता था। अधिकारियों से कई बार मिलने के बाद भी उसका पदस्थापन नहीं रुका। जिसके बाद वह कोर्ट जाकर स्टे ले आया। उसके बाद वह RAC के हेड कॉन्स्टेबल MTO राजवीर से मिला। राजवीर ने ड्राइवर से 10 रुपए देकर पदस्थापन रुकवाने की डिमांड की, ड्राइवर ने कहा वह ऑनलाइन पैसे दे सकता है।

भरतपुर एसीबी टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।

डील की रिकॉर्डिंग भी की, ACB को दी इसके बाद MTO राजवीर ने ड्राइवर को कमांडेंट गणपत महावर के बेटे का मोबाइल नंबर दिया। ड्राइवर ने कमांडेंट के बेटे के अकाउंट में 10 हजार रुपए डाल दिए। ड्राइवर ने MTO राजवीर की मोबाइल से रिकॉर्डिंग भी की जो, उसने ACB के सामने पेश कर दी। ACB ने रिकॉर्डिंग के आधार पर फिर से अपना वॉयस रिकॉर्डिंग इंस्ट्रूमेंट देकर रिकॉर्डिंग करवाने की कोशिश की, लेकिन किसी टेक्निकल कारण के चलते MTO की रिकॉर्डिंग नहीं हो पाई। ACB ने MTO राजवीर से पूछताछ भी की, लेकिन अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।

ACB के एएसपी बोले- शिकायत मिली, जांच जारी है इस मामले पर ACB के एडिशनल एसपी अमित सिंह ने कहा कि एक शिकायत मिली है जिसकी जांच की जा रही है। इससे ज्यादा सिंह ने कुछ भी बताने से मना कर दिया। वहीं इस मामले पर RAC के कमांडेंट गणपत महावर, परिवादी ड्राइवर, MTO राजवीर कुछ भी कहने के लिए तैयार नहीं हैं।

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