A crowd of devotees at the Tirtharaj Machkund fair | तीर्थराज मचकुंड मेले में श्रद्धालुओं का…

तीर्थराज मचकुंड में ऋषि पंचमी से शुरू हुए लक्खी मेले के दूसरे दिन देवछठ मनाया गया।
धौलपुर के तीर्थराज मचकुंड में ऋषि पंचमी से शुरू हुए लक्खी मेले के दूसरे दिन देवछठ मनाया गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पहली बार नाव से निगरानी की गई।
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राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही मचकुंड सरोवर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई और नवविवाहित जोड़ों के सेहरे प्रवाहित किए।
प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। मचकुंड से 4 किलोमीटर पहले मेला ग्राउंड में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई। परिक्रमा मार्ग पर एकतरफा यातायात जारी रहा। गोताखोरों की टीम और 400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए। जेब कतरों और छीनाझपटी रोकने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
भीड़ के कारण आगरा-मुंबई हाईवे पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। सर्विस रोड और मचकुंड रोड पर भारी यातायात के चलते हाईवे पर ट्रकों की लंबी कतारें लगी रहीं। जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने मेले का निरीक्षण किया और ड्रोन से निगरानी की। पौराणिक मान्यता है कि यहीं पर भगवान श्रीकृष्ण ने कालयवन राक्षस का वध किया था, जिसके बाद उन्हें रणछोड़ की उपाधि मिली। तभी से प्रतिवर्ष इस रणछोड़ नगरी में ऋषि पंचमी और देव छठ पर लक्खी मेले का आयोजन किया जाता है।