The cremation ground was submerged, the last rites were performed by pouring soil using JCB |…

पाली जिले के रोहट एरिया के अरटिया गांव में शुक्रवार को रपट पर बहते पानी के बीच से बॉडी को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते ग्रामीण।
पाली जिला मुख्यालय से महज 20 km की दूरी पर आबाद अरटिया गांव में लगातार दूसरे दिन बॉडी के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीण परेशान होते नजर आए। शुक्रवार को सुथार समाज के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा उनके श्मशान घाट में पानी भरा हुआ है और श्मशान घाट
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जेसीबी से कच्चा रास्ता बनाते हुए।
पाली जिले के रोहट उपखंड के अरटिया गांव निवासी वृद्धा रेशमी देवी पत्नी भेराराम सुथार की गुरुवार शाम को देहांत हो गया था। शुक्रवार सुबह उनकी बॉडी को अंतिम संस्कार के लिए परिजन और समाज के लोग लेकर रचना हुए। रास्ते में गुहिया वाला की रपट करीब एक से दो फीट पानी बह रहा था। उसके बीच से होकर वे श्मशान घाट की तरफ गए। आगे गए तो उनके श्मशान में भी पानी भरा हुआ था। इसे में उन्हें भी जेसीबी मंगवानी पड़ी और श्मशान तक जाने के लिए कच्चा रास्ता बनाया। उसके बाद मिट्टी डालकर उस पर बॉडी रख कर अंतिम संस्कार किया। इस परेशानी को लेकर ग्रामीणों ने रपट की जगह पूल निर्माण करवाने और श्मशान भूमि में जमा हो रहे पानी की निकासी की मांग करते हुए रोष जताया। उन्होंने कहा देश आजाद हुए 75 साल से ज्यादा समय हो गया गढ़ी लेकिन उन्हें आज भी बॉडी के अंतिम संस्कार के लिए इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे
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