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‘विराट कोहली को शायद बुरा लगे…’, राहुल द्रविड़ ने पहले दिया बयान फिर तुरंत हुआ पछतावा, जानिए…

भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक राहुल द्रविड़ अपनी क्लासिक तकनीक और सधी हुई बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं. उन्हें ‘द वॉल’ कहा जाता रहा है. शोएब अख्तर जैसे तेज गेंदबाज भी मानते थे कि द्रविड़ को आउट करना सचिन तेंदुलकर से भी मुश्किल होता था. टेस्ट मैच में वे पांच दिन तक गेंदबाजों को थकाकर अपनी स्टाइलिश शॉट्स से रन बटोर सकते थे.

हाल ही में द्रविड़ ने ‘हाल चाल और सवाल’ पॉडकास्ट में बल्लेबाजी पर अपने अनुभव साझा किए. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ अपने रोल मॉडल सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर की बात की, बल्कि छोटे और लंबे कद वाले बल्लेबाजों के फर्क पर भी चर्चा की.

छोटे कद वालों का फायदा

द्रविड़ ने कहा कि छोटे कद वाले बल्लेबाजों को खेलने में ज्यादा मदद मिलती है, क्योंकि उनका सेंटर ऑफ ग्रेविटी नीचे होता है, जिसकी वजह से उनका बैलेंस बेहतर रहता है और उनके शॉट्स देखने में ज्यादा आकर्षक लगते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा  “गावस्कर बहुत संतुलित बल्लेबाज थे. उनकी स्थिरता गजब की थी, जो मुझे हमेशा से पसंद थी. मै थोड़ा लंबे कद का था इसलिए मैने कभी उन्हें कॉपी नही किया. सचिन तेंदुलकर भी काफी संतुलित खिलाड़ी थे. जितने भी महान बल्लेबाज हुए हैं उनमें से ज्यादाकर खिलाड़ी छोटे कद के हैं. छोटे कद के खिलाड़ियों के पास सैंटर ऑफ ग्रेविटी नीचे होने के कारण उन्हें फायदा होता है. ब्रायन लारा, रिकी पोंटिंग और डॉन ब्रैडमैन भी इसी वजह से ज्यादा नैचुरल और सुंदर लगते थे.”

कोहली को लेकर कही ये बात

इसी दौरान द्रविड़ ने हंसते हुए विराट कोहली का भी जिक्र किया और कहा, “कोहली थोड़ा शॉर्ट-इश हैं, लेकिन विराट को शायद अच्छा न लगे कि मैं उन्हें शॉर्ट-इश कह रहा हूं.” बयान देते ही द्रविड़ को खुद एहसास हुआ कि उनकी बात कोहली को चुभ सकती है.

लंबे बल्लेबाज क्यों हैं खतरनाक

द्रविड़ ने आगे कहा कि छोटे कद वाले भले ही संतुलन में अच्छे लगते हों, लेकिन लंबे बल्लेबाजों की पहुंच और ताकत उन्हें पावर हिटिंग में फायदा देती है. उन्होंने कहा, “आज का क्रिकेट, खासकर T20, पूरी तरह ताकत और छक्कों पर आधारित है. यहां लंबे खिलाड़ियों को बढ़त मिलती है. क्रिस गेल, केविन पीटरसन, कीरोन पोलार्ड और युवराज सिंह इसके बेहतरीन उदाहरण हैं.”

खुद को बताया अलग तरह का बल्लेबाज

राहुल द्रविड़ ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर भी कहा कि भले ही वे लंबे कद के थे, लेकिन वे कभी बड़े हिटर नहीं रहे. उनकी बल्लेबाजी की मजबूती तकनीक और धैर्य रही है. उन्होंने कहा कि लंबे बल्लेबाज आमतौर पर पावर गेम के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा क्लासिकल शॉट्स और डिफेंस पर भरोसा किया है.

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