The High Court considered all the issues raised by Bhaskar as evidence | एसआई भर्ती रद्द:…

हाई कोर्ट ने 859 पदों की एसआई भर्ती: 2021 में पेपर लीक को सही माना है। कोर्ट ने कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया ही दूषित है, इसे रद्द करना उचित और जरूरी है। प्रार्थियों के अधिवक्ता आरपी सिंह और हरेन्द्र नील ने बताया कि हाई कोर्ट ने एसआई भर्ती 2021 में व्
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इससे पहले, अदालत ने कहा कि भर्ती के दौरान पेपर लीक होने में आरपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन संजय क्षोत्रिय और अन्य सदस्यों की भूमिका भी रही है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की ‘घर के भेदियों ने ही लंका को ढहा दिया।’ भर्ती की गोपनीयता परीक्षा के 35 दिन पहले ही भंग हो गई थी, जब आरपीएससी के पूर्व सदस्य ने हाथ से लिखा पेपर रामूराम राइका को पहले ही दे दिया था। ऐसे में इस भर्ती को रद्द करना जरूरी हो जाता है।
हाई कोर्ट ने यह फैसला गुरुवार को कैलाश चन्द्र शर्मा व अन्य की याचिका पर दिया। अदालत ने राज्य सरकार से कहा है कि वह एसआई भर्ती: 2021 को रद्द करने के संबंध में दस्तावेज व रिपोर्ट आरपीएससी को अपनी सिफारिश के साथ भेजे। साथ ही पूर्व की अन्य भर्तियों में हुई धांधली के चलते भी उनको रद्द करने के लिए भी राज्य सरकार से आरपीएससी जाने के लिए कहा है।
इधर, कोर्ट ने बर्खास्त एसआई को राहत देते हुए कहा कि यदि किसी चयनित अभ्यर्थी को बर्खास्त कर दिया गया है, जो कि पूर्व सेवा से इस्तीफा देकर आया है। उसे मूल सेवा में बहाल किया जाए। वहीं आरपीएससी को निर्देश दिया कि वह 2021 की भर्ती दोबारा करवाने या इस भर्ती के पदों को 2025 की भर्ती में समायोजित करने पर भी फैसला करे। अदालत ने कहा कि आरपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन संजय क्षोत्रिय के भी मामले में शामिल होने से इसकी गंभीरता बढ़ती है। उन्होंने ना केवल रामूराम राइका को बेटे व बेटी के साक्षात्कारों से संबंधित कार्रवाई के निर्देश दिए, बल्कि खुद भी साक्षात्कार पैनल में शामिल हुए। सरकार की ओर से पैरवी एजी राजेन्द्र प्रसाद व एएजी विज्ञान शाह ने की।
एसआई भर्ती-2021 के पदों को नई भर्ती में शामिल करें
हाईकोर्ट ने आरपीएससी से कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को उसी विज्ञापन 3 फरवरी 2021 के तहत, या 17 जुलाई 2025 की अधिसूचना के तहत जारी नए विज्ञापन में इन पदों को शामिल करे। 2021 की भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी आयु पात्रता में छूट पर भी सकारात्मक विचार हो। आवेदकों को तैयारी के लिए समय दिया मिले। आरपीएससी आगामी भर्ती में निष्पक्षता बनाए रखे।
राज्य सरकार ने कहा था, एसआई भर्ती रद्द नहीं कर रहे
एसआई भर्ती-2021 भर्ती के अस्तित्व को लेकर एक जुलाई को राज्य सरकार ने अतिरिक्त शपथ पत्र दायर कर कहा कि वह इस भर्ती को रद्द नहीं कर रही। यह निर्णय राज्य सरकार ने मंत्रिमंडलीय उप समिति की अनुशंसा, एसआईटी के चेयरमैन की 26 जून की संशोधित रिपोर्ट और 27 जून की सांख्यिकी विभाग की रिपोर्ट पर लिया था।
पेपर लीक में फंसी 9 भर्तियां, 6 कांग्रेस और तीन भाजपा सरकार में रद्द हुईं
- लाइब्रेरियन भर्ती 2018 : चयन बोर्ड ने 2019 को आयोजित की। पेपर लीक होने से निरस्त की गई।
- जेईएन भर्ती 2018 : चयन बोर्ड ने 6 दिसंबर 2020 को परीक्षा कराई। एसओजी जांच के बाद पेपर लीक मानकर निरस्त की गई।
- रीट लेवल टू परीक्षा 2021: शिक्षा बोर्ड ने 26 सितंबर 2021 को परीक्षा कराई। 4 माह बाद निरस्त।
- कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2022: पीएचक्यू ने 14 मई 2022 को परीक्षा कराई। दूसरी पारी का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
- वनरक्षक भर्ती 2020 : चयन बोर्ड की 12 नवंबर 2022 को आयोजित परीक्षा का दूसरी पारी का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल।
- वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2022: जीके के तीनों ग्रुप ए, बी व सी के पेपर लीक हो गए थे। इनको निरस्त किया गया।
- सीएचओ भर्ती 2022 : चयन बोर्ड ने 19 फरवरी 2023 को परीक्षा कराई। सोशल मीडिया पर पेपर वायरल हो गया। 29 दिसंबर को रद्द।
- ईओ आरओ भर्ती 2022 : आरपीएससी ने ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा 14 मई 2023 कराई। पेपर लीक के कारण एसओजी की सिफारिश के बाद 25 अक्टूबर 2024 को परीक्षा को रद्द कर दिया।
5 बड़े कारण, जिससे भर्ती रद्द हुई
पहला : आरपीएससी के 2 सदस्यों ने एसआई भर्ती पेपर लीक किया
- एसआई भर्ती की परीक्षा से पहले ही आरपीएससी के दो सदस्यों ने पेपर लीक कर दिया था। बाद में जगदीश गैंग ने भी सोशल मीडिया पर पेपर को लीक किया।
- आरपीएससी के सदस्य बाबू लाल कटारा, रामूराम राइका, मंजू शर्मा, संगीता आर्य, जसवंत राठी और चेयरमैन संजय श्रोत्रिय ने परीक्षा की शुचिता के साथ व्यवस्थित और बड़े पैमाने पर समझौता किया।
दूसरा : इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को हटाया, ऐसे में पहचान कैसे हो
- भर्ती परीक्षा में कौन सही है कौन गलत है, इसकी छंटनी करना असंभव है क्योंकि भर्ती से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को हटा दिया गया है।
- एसओजी ने दोबारा परीक्षा कराई गई तो जिन अभ्यर्थियों ने एसआई भर्ती में 80 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए थे, उनमें से अधिकतर फेल हो गए। ऐसे में फर्जीवाड़ा और पुख्ता हुआ।
- 7 लाख अभ्यर्थियों वाली आरएएस प्री एक दिन में हुई, जबकि एसआई भर्ती 3 दिन चली।
तीसरा : एसओजी और मंत्रियों की समिति ने भी सिफारिश की
- राज्य के एजी, एसओजी व उप मंत्रिमंडलीय समिति ने भी पूर्व में इस भर्ती को रद्द करने की सिफारिश की थी। वहीं बाद में एजी व राज्य सरकार ने इस भर्ती को भविष्य में रद्द करने की बात भी कही थी।
- मंत्रियों की समिति ने सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि अगर पेपर लीक के आरोपी एसआई बने तो फिर राजस्थान पुलिस के ध्येय ‘आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय’को ये चरितार्थ नहीं कर सकेंगे। यह लोगों के साथ अन्याय होगा।
चौथा : भर्ती रद्द नहीं करना सही अभ्यर्थियों से खिलवाड़ होगा
- भर्ती रद्द नहीं करना उन अभ्यर्थियों के साथ भी गलत होगा जिन्होंने बेहतर जीवन के लिए इस भर्ती परीक्षा को पास करने के लिए कठोर मेहनत की थी।
- भर्ती के इंटरव्यू पैनल में बाबू लाल कटारा को शामिल करना, गंभीर अपराध। उदयपुर में बाबू लाल कटारा के खिलाफ जांच चल रही थी।
पांचवां : एसआईटी व एसओजी को जांच में गड़बड़ी के साक्ष्य मिले
- एसआईटी व एसओजी की रिपोर्ट में भी सामने आ चुका है कि एसआई भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।
- भर्ती निरस्त कर दोबारा विज्ञप्ति जारी हो। ट्रेनी एसआई को तीन महीने का मौका देकर दोबारा परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाए।
कोर्ट की टिप्पणी…घर के भेदियों ने लंका ढहा दी क्योंकि RPSC सदस्यों ने अपने ही बच्चों को पेपर दिए
इन तथ्यों का कोर्ट ने फैसले में जिक्र किया
- 3 फरवरी 2021 को आरपीएससी ने 859 पदों के लिए भर्ती निकाली। 3.80 लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
- 7 फरवरी 2024 को पहली गिरफ्तारी डालू राम की हुई। डमी परीक्षार्थी बैठाकर परीक्षा पास करने का आरोप।
- 14 एफआईआर अलग-अलग थानों में दर्ज। फरवरी 2024 में 16 चयनित एसआई को एसओजी ने पकड़ा।
- 56 ट्रेनी गिरफ्तार, 51 बर्खास्त और 4 निलंबित हो चुके हैं अब तक। पेपर लीक में आरपीएससी के 6 सदस्यों की भूमिका।
- 118 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र पेश। 5 के विरुद्ध चार्जशीट पेश किया जाना बाकी। 88 संदिग्ध फरार।