इस भारतीय कंपनी पर टिकी Google और Meta की आस, AI पर काम करने के लिए मिलाया हाथ

दुनियाभर में AI का दबदबा बढ़ता जा रहा है और बड़ी से बड़ी कंपनी भारत की ओर देख रही है. शुक्रवार को हुई रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आम बैठक में गूगल और मेटा ने भारतीय कंपनी के साथ साझेदारी का ऐलान किया है. रिलायंस की गूगल और मेटा के साथ हुई साझेदारी के तहत आम लोगों के साथ-साथ बिजनेसेस के लिए भी AI को तैयार किया जाएगा. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
जुकरबर्ग ने दिखाया सुपरइंटेलिजेंस का विजन
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने बैठक के दौरान हर किसी के लिए पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस का विजन शेयर किया, जो कंपनी के ओपन-सोर्स एआई मॉडल पर आधारित होगा. उन्होंने कहा कि अब AI सिस्टम खुद में सुधार कर रहे हैं. इससे यह लग रहा है कि सुपरइंटेलीजेंस हमारे पहले से मौजूद सिस्टम को बेहतर करेगी और हम वो चीजें बना सकेंगे, जिनकी आज कल्पना भी नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि सुपरइंटेलिजेंस सशक्तिकरण का नया दौर शुरू कर सकती है. रिलायंस के साथ मेटा की साझेदारी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियां भारतीय बिजनेसेस के लिए अपने ओपन-सोर्स AI मॉडल लाएंगी.
AI अपनाने में मदद करेगी गूगल- पिचई
बैठक के दौरान गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने कहा कि AI की इस क्रांति में भारत की अहम भूमिका है और कंपनी इसके डिजिटल फ्यूचर के लिए काम करने को तैयार है. उन्होंने कहा कि गूगल के लिए भारत हमेशा एक विशेष स्थान रहा है और यहां दुनिया के कई सबसे शानदार बिजनेस, तेजी से उभरता स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और अपार महत्वकांक्षाएं हैं. पिचई ने कहा कि गूगल रिलायंस और जियो के साथ मिलकर भारत के डिजिटल फ्यूचर में निवेश कर रही है. इन कंपनियों के साथ साझेदारी से करोड़ों लोगों तक सस्ता इंटरनेट पहुंचाने में मदद मिली है.
अब AI की बारी- पिचई
पिचई ने अपने संबोधन में कहा कि अब AI की बारी है और दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी का लक्ष्य छोटी से छोटी किराना दुकान से लेकर बड़ी कंपनियों तक को बदलने का है. उन्होंने कहा कि गूगल AI अपनाने में भारत की मदद करेगी. उन्होंने रिलायंस के साथ मिलकर जामनगर क्लाउड रीजन स्थापित करने का भी ऐलान किया है. यह खासतौर पर रिलायंस के लिए बना होगा और AI और कंप्यूटिंग में कंपनी की मदद करेगा.
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