Five new cases in a single day | एक ही दिन में पांच नए मामले: झुंझुनूं में बढ़ा डेंगू, चिकित्सा…

एक ही दिन में पांच नए मामले झुंझुनूं में बढ़ा डेंगू
झुंझुनूं में डेंगू का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। जिले में एक ही दिन में पांच नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। बीडीके अस्पताल में जांच के बाद अलग-अलग इलाकों के पांच लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें 14 साल की ब
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जांच केंद्र के बाहर जांच लेते मरीजों के परिजन
गांव और शहर, दोनों जगह डेंगू का खतरा
यह था कि डेंगू का प्रकोप शहरी इलाकों तक ही सीमित है, लेकिन इस बार के मामलों ने इस धारणा को बदल दिया है। झुंझुनूं में अब गांवों से भी डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। बाडलवास और हमीरवास जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में मरीज सामने आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गांवों में भी पानी जमा होने, जैसे टंकियों, गड्ढों, छतों पर रखे पुराने टायरों में पानी भरने से मच्छरों के लार्वा तेज़ी से पनप रहे हैं।
डेंगू के लक्षण और बचाव के उपाय
बीडीके अस्पताल के पीएमओ डॉ. जितेंद्र भांबू के अनुसार, डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में तेज़ बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और आंखों के पीछे दर्द, और शरीर पर लाल चकत्ते होना शामिल है। इस बीमारी में प्लेटलेट्स की संख्या तेज़ी से कम हो सकती है, और समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
बीडीके अस्पताल में मरीजों की लाइन
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी और जागरूकता अभियान
पांच नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने ब्लॉक स्तर पर टीमों को प्रभावित इलाकों में एंटी-लार्वा दवा छिड़कने और संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए घर-घर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही फॉगिंग मशीनें भी सक्रिय कर दी गई हैं।
विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया है। आशा सहयोगिनियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को डेंगू के लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में बताने की जिम्मेदारी दी गई है।
रोकथाम के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है जागरूकता और साफ-सफाई। अगर लोग अपने घरों और आस-पास पानी जमा न होने दें, तो मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सकता है।
* घर की छत पर रखे पुराने टायर, गमले या बर्तनों में पानी जमा न होने दें।
* पानी की टंकियों को हमेशा ढँककर रखें।
* कूलर का पानी हर हफ्ते बदलें।
* अपने घर के आस-पास साफ-सफाई रखें और नालियों को बंद न होने दें।
* मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करें।