Instructions for inclusion of Gujjar community candidate in OBC-NCL | गुर्जर-समाज की अभ्यर्थी…

हाईकोर्ट ने नीट यूजी-2025 में गुर्जर समाज की अभ्यर्थी को राहत देते हुए उसे ओबीसी-एनसीएल (नॉन क्रिमीलेयर) श्रेणी की काउंसलिंग में शामिल करने के निर्देश दिए। जस्टिस एसपी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश प्रज्ञा सिंह की अपील पर सुनवाई करते हुए दिए।
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साथ ही अदालत ने सरकार से कहा कि वह ऐसे समान मामलों में स्टेट कोटे की सीट पर अन्य अभ्यर्थियों को भी ओबीसी-एनसीएल श्रेणी में शामिल करें।
अपील में एकलपीठ के 11 अगस्त के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें अपीलकर्ता (प्रार्थियां) की याचिका को खारिज कर दिया गया था। अपील में कहा गया था कि प्रार्थियां गुर्जर समाज की एनसीएल श्रेणी की छात्रा हैं। गुर्जर समाज को स्टेट ओबीसी लिस्ट में शामिल किया गया हैं। लेकिन सेन्ट्रल ओबीसी लिस्ट में शामिल नहीं किया गया।
इस कारण प्रार्थियां को नीट यूजी-2025 में ओबीसी-एनसीएल की जगह सामान्य श्रेणी में शामिल किया गया। जबकि उसके कट ऑफ मार्क्स ओबीसी-एनसीएल कैटेगरी के अंतिम छात्रा से ज्यादा हैं। लेकिन समान्य वर्ग में आवेदन के कारण उसे स्टेट कोटे की ओबीसी-एनसीएल श्रेणी की काउंसलिंग में शामिल नहीं किया गया।