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ED Files Prosecution Complaint Against Three C Shelters for Greenopolis Fraud in Gurugram |…

गुरुग्राम के सेक्टर 89 में स्थित ग्रीनोपोलिस की सोसाइटी का पजेशन अभी तक नहीं मिला है।

गुरुग्राम के सेक्टर-89 स्थित ग्रीनोपोलिस रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने थ्री सी शेल्टर्स (TCSPCL) और उसके प्रमोटर्स निर्मल सिंह, विदुर भारद्वाज, सुरप्रीत सिंह सूरी समेत अन्य के खि

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आरोप है कि कंपनी और प्रमोटर्स ने घर खरीदारों के साथ ठगी की। कोर्ट ने अब सभी आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं।

यह प्रोजेक्ट 2011 में ओरिस इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और TCSPCL के बीच हुए जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट के तहत शुरू हुआ था। 2012 में लॉन्च किए गए इस प्रोजेक्ट में 29 टावर और 1,700 से ज्यादा फ्लैट बनाए जाने थे।

गुरुग्राम के सेक्टर 89 में स्थित ग्रीनोपोलिस की सोसाइटी का पजेशन अभी तक नहीं मिला है।

1100 करोड़ वसूल लिए, फ्लैट दिए नहीं ईडी की जांच में सामने आया है कि डेवलपर्स ने घर खरीदारों से 1,100 करोड़ रुपए से ज्यादा वसूल लिए। कई खरीदारों ने फ्लैट की कीमत का 90 प्रतिशत तक भुगतान कर दिया था।

वादा किया गया था कि 2015 तक पजेशन दे दिया जाएगा, लेकिन 2016 में कंस्ट्रक्शन पूरी तरह रुक गया और सिर्फ ढांचा ही खड़ा हो पाया। आज तक एक भी खरीदार को फ्लैट की चाबी नहीं मिल पाई है।

600 करोड़ से ज्यादा की रकम धोखाधड़ी ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि घर खरीदारों के 600 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम को धोखाधड़ी करके इधर-उधर किया गया। आरोप है कि TCSPCL और उसके प्रमोटर्स ने यह पैसे अपनी संबंधित कंपनियों और कोलकाता की शेल कंपनियों के जरिए घुमाए। इसके अलावा प्रमोटर निर्मल सिंह के साले हरमीत सिंह ओबेरॉय की कंपनी ग्लोबस कंस्ट्रक्शन के माध्यम से फर्जी बिलिंग करके भी बड़ी रकम सिफॉन कर ली गई।

अकाउंट्स को मैनिपुलेट किया ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अकाउंट्स में हेरफेर किया, फर्जी क्रेडिट एंट्री दिखाईं और कई शेल कंपनियों के जरिए पैसों को घुमाकर डायवर्शन छिपाने की कोशिश की।

इस मामले में ईडी पहले ही 395.03 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। इसमें 286.98 करोड़ रुपए की जमीन और 108.04 करोड़ रुपए के शेयर शामिल हैं।

यह पूरी कार्रवाई 25 नवंबर 2024 को प्रमोटर्स के घरों और अन्य जगहों पर हुई छापेमारी से मिले सबूतों के आधार पर की गई है। जांच दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) की एफआईआर से शुरू हुई थी,

जिसमें घर खरीदारों ने शिकायत दर्ज कराई थी। EOW इस मामले में कई चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और अब केस साकेत कोर्ट में चार्ज तय होने का इंतजार कर रहा है।​​​​​​​ खरीदारों ने किया ईडी कार्रवाई का स्वागत ग्रीनोपोलिस प्रोजेक्ट के खरीदारों ने ईडी की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। एक खरीदार सुषमा ने कहा कि हमने 12 साल इंतजार किया, किराया और ईएमआई दोनों चुकाई, लेकिन घर नहीं मिला।

माता-पिता की मेडिकल खर्चे और बेटी की पढ़ाई के बीच यह बोझ असहनीय हो गया। ईडी की जांच से न्याय की उम्मीद है। खून पसीने की कमाई लगाई खरीदारों ने बताया कि ज्यादातर मिडिल क्लास फैमिली हैं, जिन्होंने जीवन भर की कमाई लगाई। वे हरियाणा रेरा, हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगा चुके हैं।

2020 में टीसीएसपीएल दिवालिया हो गई, जिसके बाद ओरिस ने प्रोजेक्ट संभाला, लेकिन विवाद बरकरार है। खरीदारों ने 2023 और 2025 में विरोध प्रदर्शन किए थे।

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