1200 करोड़ बैंक घोटाले में ED की बड़ा एक्शन, कारोबारी करण चनाना और अनीता दैंग पर कसा शिकंजा

ED ने 1200 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में बड़ा कदम उठाया है. गुरुग्राम जोनल ऑफिस की तरफ से अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर करण ए. चनाना और डायरेक्टर अनीता दैंग के खिलाफ दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में अर्जी दी गई थी.
अदालत ने ये अर्जी मंजूर कर ली है और अब इन दोनों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ED ने कोर्ट से मांग की थी कि दोनों आरोपियों को फरार आर्थिक अपराधी घोषित किया जाए और इनकी 131 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की जाए.
अलग-अलग बैंकों से 1201.85 करोड़ का लोन
कोर्ट ने 18 जुलाई 2025 को ED की अर्जी पर सहमति देते हुए नोटिस जारी कर दिया. अमीरा फूड्स ग्रुप, जो बासमती चावल और पैकेज्ड फूड का कारोबार करता था, इन्होंने अलग-अलग बैंकों से लगभग 1201.85 करोड़ रुपये का लोन लिया था. इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी कैनरा बैंक की थी, लेकिन साल 2017 में ये लोन NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) घोषित हो गया.
इसके बाद CBI ने केस दर्ज किया. जांच में सामने आया कि कंपनी के डायरेक्टर, प्रमोटर और कर्मचारियों ने बैंकों से मिले पैसे को सही जगह इस्तेमाल करने के बजाय इधर-उधर घुमाया और गड़बड़ी की. इससे बैंकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ.
21 लोगों के खिलाफ ईडी की चार्जशीट
ED की जांच में साफ हुआ कि कंपनी के डायरेक्टर और प्रमोटर्स ने मनी लॉन्ड्रिंग की और बैंक से लिए पैसे को बाहर निकाला. इस मामले में ED अब तक 21 लोगों और कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. जांच के दौरान ED ने करीब 131.51 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच भी की.
ED की रिपोर्ट में सामने आया कि करण ए. चनाना फिलहाल यूके में और अनीता दैंग यूएई में रह रही है. दोनों लंबे समय से भारत नहीं लौटे और कोर्ट की कार्रवाई से बचते रहे हैं. कोर्ट ने दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है. अब ED इन्हें फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर घोषित करने और इनकी संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई तेज कर रही है. ED ने कहा है कि मामले की आगे की जांच जारी है.
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