अन्तराष्ट्रीय

कभी PAK की मदद के लिए US के सेवंथ फ्लीट ने भारत को दिखाई थी आंखें, आज लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए…

कभी भारत के खिलाफ खड़ी होने वाली अमेरिका की सेवंथ (07) फ्लीट के एक खास सबमरीन टेंडर (जहाज) ने चेन्नई का दौरा किया है. USS फ्रैंक केबिल नाम का ये जहाज, अमेरिका के सातवें जंगी बेड़े का हिस्सा है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के मित्र-देशों की पनडुब्बियों की मेंटनेंस और रिपेयर के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, इस सबमरीन टेंडर का चेन्नई दौरा, भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाना है.

भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ वॉर को लेकर चल रही तनातनी के बीच फ्रैंक केबिल का चेन्नई दौरा बेहद अहम माना जा रहा है. अमेरिका का ये जहाज, प्रशांत महासागर स्थित यूएस मिलिट्री बेस गुआम में तैनात रहता है और इन दिनों भारतीय नौसेना के साथ इंटरेक्शन के लिए चेन्नई आया था. चेन्नई में करीब एक हफ्ते रूकने के बाद बुधवार (27 अगस्त, 2025) को गुआम जाने के बाद दिल्ली स्थित यूएस एंबेसी ने फ्रैंक केबिल के भारतीय नौसेना की सिंधु-विजय पनडुब्बी के साथ हुए लॉजिस्टिक सहयोग के बारे में जानकारी दी.

भारत और अमेरिका के बीच है लॉजिस्टिक सपोर्ट एग्रीमेंट

चेन्नई में फ्रेंक केबिल और सिंधु-विजय पनडुब्बी को एक साथ एंकर किया गया था. इस दौरान भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने फ्रैंक केबिल का दौरा किया और उसकी मेंटेनेंस क्षमताओं को जाना. दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच लॉजिस्टिक सपोर्ट एग्रीमेंट है, जिसके तहत दोनों देशों के जंगी जहाज और पनडुब्बियां, रिफ्यूलिंग इत्यादि के लिए एक दूसरे के नेवल बेस में आ जा सकते हैं.

फ्रेंक केबिल के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन माइक थॉम्पसन के मुताबिक, भारतीय नौसेना का पनडुब्बी बेड़ा लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में मित्र-देशों की नौसेनाओं के साथ अपनी क्षमताओं के बारे में जानकारी साझा करना बेहद जरूरी है. यूएस एंबेसी के मुताबिक, चेन्नई की तरह ही फ्रेंक केबिल ने हाल के वर्षों में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया की नौसेनाओं के साथ भी लॉजिस्टिक सहयोग बढ़ाया है.

साल 2023 में चेन्नई के करीब कट्टुपल्ली बंदरगांह पहुंचा था USNS चार्ल्स ड्रियू

चेन्नई में रूकने के दौरान फ्रेंक केबिल के क्रू ने एक स्थानीय कॉलेज का दौरा किया और छात्रों से मुलाकात की और US नेवी के बारे में जानकारी साझा की. साथ ही अपने पार्टनर (देशों) के बारे में भी जानकारी प्राप्त की. फ्रेंक केबिल की तरह ही अमेरिका की मिलिट्री सी-लिफ्ट कमांड के एक अन्य जहाज USNS चार्ल्स ड्रियू (ड्राई कार्गो शिप) ने साल 2023 में चेन्नई के करीब कट्टुपल्ली बंदरगाह का दौरा किया था.

1971 में भारत-पाक से युद्ध के बीच बंगाल की खाड़ी पहुंच गया था अमेरिका का सातवां बेड़ा

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के साथ मध्यस्थता और टैरिफ वॉर को लेकर भारत और अमेरिका के बीच तनातनी चरम पर है. ठीक ऐसी ही तनातनी 1971 की जंग के दौरान भी देखने को मिली थी, जब पाकिस्तान के समर्थन में अमेरिका का सांतवा बेड़ा बंगाल की खाड़ी पहुंच गया था. लेकिन रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) के जंगी बेड़े के हिंद महासागर पहुंचने के बाद अमेरिका की सेवंथ फ्लीट ने भारत के खिलाफ अपने पांव पीछे खींच लिए थे. जंग में पाकिस्तान को न केवल मुंह की खानी पड़ी बल्कि दो टुकड़े भी हो गए और नए देश बांग्लादेश का जन्म हुआ था.

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