A wonderful confluence of sports, health and unity | खेल, स्वास्थ्य और एकता का अद्भुत संगम:…

मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर प्रभात फेरी और खेल प्रतियोगिताओं का हुआ शुभारंभ
झुंझुनूं में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खेल, स्वास्थ्य और एकता का अद्भुत मेल देखने को मिला। मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रभात फेरी, शपथ समारोह और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ हुआ, जिसमें खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों
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प्रभात फेरी ने जगाई देशभक्ति की भावना
स्वर्ण जयंती स्टेडियम से शुरू हुई प्रभात फेरी को जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक और स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए। मंडावा मोड़, सुभाष मार्ग और बस स्टैंड जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए यह रैली वापस स्टेडियम पहुंचकर समाप्त हुई। पूरे रास्ते देशभक्ति और खेल से जुड़े नारों से शहर का माहौल ऊर्जा से भर गया। बच्चे तिरंगा झंडा लहराते हुए जोश के साथ आगे बढ़ रहे थे, जिससे हर तरफ एक सकारात्मक माहौल बन गया।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते खिलाड़ी व अधिकारी।
मेजर ध्यानचंद को भावभीनी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद किया गया। उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके असाधारण योगदान को श्रद्धांजलि दी गई। जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने मेजर ध्यानचंद को भारतीय हॉकी का गौरव बताते हुए कहा, “उनका जीवन हमें कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का संदेश देता है।” उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।
स्वर्ण जयंती स्टेडियम से प्रभात फेरी को हरी झंडी दिखाते झुंझुनूं कलेक्टर अरुण गर्ग।
खेलों को बनाया जीवन का हिस्सा
कलेक्टर ने खिलाड़ियों को खेल भावना, फिटनेस और भाईचारे के साथ आगे बढ़ने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि खेल सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह जीवन को अनुशासित और ऊर्जावान बनाते हैं। खेलों से टीम भावना और आपसी सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने खिलाड़ियों से शिक्षा पर भी ध्यान देने की अपील की, ताकि वे पढ़ाई और खेल दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल कर सकें।
31 अगस्त तक चलेगा खेल महाकुंभ
राष्ट्रीय खेल दिवस से शुरू होकर 31 अगस्त तक झुंझुनूं जिले में विभिन्न खेलों का आयोजन होगा। इन प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स, कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे खेल शामिल हैं। जिला खेल अधिकारी ने बताया कि ये आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देंगे, बल्कि नए और उभरते खिलाड़ियों को भी पहचान मिलेगी।
रैली के दौरान खेल भावना और देशभक्ति के नारों से गूंजते झुंझुनूं की सड़कों के दृश्य।
खेल: समाज में बदलाव का सशक्त माध्यम
कलेक्टर अरुण गर्ग ने कहा कि खेल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे प्रभावी साधन हैं। खेलों से युवा नशे और अन्य बुराइयों से दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि झुंझुनूं ने हमेशा से ही खेल प्रतिभाओं को जन्म दिया है और जिला प्रशासन इस परंपरा को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। इस आयोजन में खिलाड़ियों और बच्चों का जोश देखते ही बन रहा था।