Was Nikki burnt or was she burnt? The question remains? Police is working on these six…

खबर की शुरुआत 2 बयानों से…
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‘जब मैं कमरे से बाहर आई, निक्की सीढ़ियों से नीचे उतर रही थी। वह आग की लपटों में घिरी हुई थी।’ – कंचन, निक्की की बहन
‘मैंने निक्की को कुछ नहीं किया। जो किया, उसने खुद किया है। मुझे किसी बात का कोई पछतावा नहीं।’ – विपिन, निक्की का पति
यह दो बयान यूपी की ग्रेटर नोएडा पुलिस की जांच को दो डायरेक्शन दे रहे हैं। पहला- विपिन और निक्की के बीच 21 अगस्त को विवाद हुआ, परेशान होकर निक्की ने खुद को आग लगा ली। दूसरा- विपिन ने निक्की से झगड़ा किया। गुस्से में उसने निक्की पर थिनर छिड़का और आग लगा दी।
अब पुलिस दोनों ही डायरेक्शन में जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों में विपिन के घर की CCTV है। पुलिस ने इसकी DVR जब्त की है। फुटेज को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा कंचन के बनाए वीडियो और मोबाइल CDR (कॉल डिटेल) को पुलिस केस डायरी में शामिल कर रही है।
फोरेंसिक टीम ने विपिन के घर से कुछ सबूत अपने कब्जे में लिए हैं। इनमें विपिन का लाइटर, थिनर की बोतल, निक्की की चप्पल, दरवाजे, अलमारी और दीवारों से फिंगर प्रिंट शामिल हैं।
फोरेंसिक टीम, जिसने विपिन और निक्की के कमरे की जांच की, उसको वहां जमीन पर एक बिस्तर लगा हुआ मिला था। इससे लगता है कि पति, पत्नी के बीच कोई एक जमीन पर सो रहा था, दूसरा बेड पर सोता था। ऐसे में यह तो क्लियर है कि कुछ भी आवेश में अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसकी रूपरेखा कुछ दिन पहले से लिखी जा रही थी।
निक्की, विपिन और उनके परिवार के सदस्यों के मोबाइल पुलिस ने जांच के लिए अपने कब्जे में ले रखे हैं। इनका डेटा जांचा जा रहा है। निक्की की मौत का मामला किस दिशा में जा रहा है, ये जानने के लिए ‘दैनिक भास्कर’ ने जांच में लगे अलग-अलग अधिकारियों से बात की। सामने आया कि निक्की और विपिन के पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। उनको मजबूत और कमजोर करते हुए कुछ सबूत मिले हैं, उन्हें समझते हैं…
वो सबूत, जो निक्की की मौत को हत्या साबित करते हैं…
सबूत 1. अलमारी में मिली थिनर की बोतल
निक्की के परिजनों ने बताया था कि थिनर की बोतल निक्की की सास दया के कमरे की अलमारी से मिली। फोरेंसिक टीम ने इस बोतल के ऊपर से फिंगर प्रिंट लिए हैं। अब विपिन के परिवार के सदस्यों से फिंगरप्रिंट का मिलान कराया जाएगा।
सबूत 2. लाइटर जिससे आग लगी
फोर्टिस अस्पताल के मेमो के अनुसार सिलेंडर ब्लास्ट की वजह से आग लगी। जिससे निक्की झुलस गई। फर्स्ट ऐड करने वाले डॉक्टर ने भी पुलिस को यही बताया कि निक्की ने सिलेंडर ब्लास्ट की बात बताई। अब पुलिस जांच करेगी कि ऐसा बयान क्या किसी दबाव में दिया गया? क्योंकि फोरेंसिक टीम को मौके पर सिलेंडर ब्लास्ट जैसा कुछ नहीं मिला।
सबूत 3. निक्की का आग की लपटों में घिरा वीडियो
21 अगस्त की शाम 5.30 बजे घटना होती है। 23 अगस्त को एक वीडियो वायरल होता है। जिसमें निक्की तीसरी मंजिल की सीढ़ियों से नीचे उतरते दिख रही है। कंचन ने अपने बयान में कहा कि उसने ये वीडियो खुद शूट किया और बाद में इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। उसने ये भी बताया कि ये देखकर मैं बेहोश हो गई थी।
निक्की की बड़ी बहन कंचन ने अपने मोबाइल से इस वीडियो को शूट किया था। पुलिस ने बतौर सबूत इसको शामिल किया है।
वो सबूत, जो विपिन को बेगुनाह साबित करते हैं…
सबूत 1. दुकान की CCTV फुटेज, जिसमें विपिन दिखा
24 अगस्त को एक CCTV फुटेज सोशल मीडिया X पर सामने आया। इसमें विपिन अपने घर के नीचे दिख रहा है। परिजनों का कहना है कि जिस समय घटना हुई, उस समय विपिन कार धोने के लिए जा रहा था। उसने पाइप लगाया ही था कि चीख पुकार मच गई। इस फुटेज की टाइमिंग केस में बहुत अहम साबित होने वाली है।
सबूत 2. वीडियो को क्लब करना
घटना के दो दिन बाद एक और वीडियो वायरल किया गया। जिसमें विपिन निक्की के साथ मारपीट कर रहा है। विपिन पक्ष के लोगों ने बताया कि इसमें दो वीडियो थे। जिसे क्लब करके बनाया गया। पहला वीडियो जिसमें मारपीट दिख रही है, वो 11 फरवरी का है। जबकि दूसरा निक्की के आग लगा नीचे उतरने का है। इसमें कही भी विपिन नहीं दिख रहा। पुलिस जांच कर रही है कि ये वीडियो किसने वायरल किया?
सबूत 3. 35 लाख रुपए दहेज के थे या मदद
दरअसल, निक्की की मौत को 35 लाख रुपए के दहेज से जोड़ा गया। मगर जब निक्की और विपिन के परिवारों के बयान हुए, तब सामने आया कि जिस 35 लाख रुपए की बात उठाई जा रही है, वो रुपए निक्की के भाई रोहित को उसकी शादी के समझौते में देने थे, जो वह अपनी पत्नी मीनाक्षी भाटी को देने वाला था। जिसके सबूत खुद विपिन के परिजनों ने पुलिस को दिए। ये पैसा विपिन के पिता सत्यवीर निक्की के पिता भिकारी सिंह को देने वाले थे। ऐसे में दहेज के आरोप निराधार साबित हो रहे हैं।
यह विजुअल विपिन के घर के सामने दुकान का है। जिसमें वह कार के पास नजर आ रहा है। इसकी टाइमिंग पुलिस जांच रही है।
बयानों का लोकेशन और डिजिटल सबूत से होगा मिलान
पुलिस ने विपिन और निक्की के परिवार के लोगों से जो भी बयान दर्ज किए हैं, उनको वेरिफाइड कर रही है। पुलिस विपिन को उसके घर ले जा सकती है। साथ ही मोबाइल लोकेशन और एफआईआर को केस डायरी में समेट रही है, जो विपिन और निक्की के केस जुड़े है। इसमें एक एफआईआर जारचा थाने में एक अन्य युवती के द्वारा दर्ज कराई गई, उसको भी शामिल किया गया है। प्राथमिक फर्स्ट ऐड करने वाले डॉक्टर के बयान भी काफी अहम है। पुलिस का कहना है सबूत और साक्ष्य के आधार पर एक जल्द ही चार्जशीट फाइल की जाएगी।
एडीसीपी सुधीर कुमार का कहना है कि इस मामले में विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है। साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। गवाहों के बयान को वेरिफाई भी कराया जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में निक्की भाटी की जिंदा जलकर मौत का मामला अभी भी साफ नहीं हो पाया है। निक्की ने खुद आग लगाई या पति विपिन भाटी ने उसे आग के हवाले किया, पुलिस अभी तक इस गुत्थी को सुलझा नहीं सकी है। निक्की 21 अगस्त की शाम 5.30 बजे घर की सीढ़ियों पर जलती नजर आई थी। जांच में सामने आया कि विपिन के घर में 8 CCTV लगे थे, मगर घटना के वक्त सभी बंद थे। इसलिए कुछ भी रिकॉर्ड नहीं हुआ। पढ़िए पूरी खबर…