ट्रंप टैरिफ के बाद भारतीय बाजार को बड़ा झटका, सिर्फ दो दिन में निवेशकों के 9.69 लाख करोड़ का…

Stock Market News: अमेरिकी टैरिफ का भारतीय शेयर बाजार पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है. पिछले दो कारोबारी दिनों में ही निवेशकों को 9.69 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है. इन दो दिनों में सेंसेक्स करीब 1,555 अंक टूट चुका है. अमेरिका की तरफ से भारत के ऊपर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क बुधवार से लागू हो गया. इससे कुल मिलाकर भारत पर अमेरिकी शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत हो चुका है.
साथ ही, विदेशी कोषों की लगातार पूंजी निकासी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया. तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स गुरुवार को 705.97 अंक यानी 0.87 प्रतिशत गिरकर 80,080.57 पर बंद हुआ. इसके पहले मंगलवार को भी सेंसेक्स में बड़ी गिरावट रही थी. दो दिनों में, मानक सूचकांक 1,555.34 अंक यानी 1.90 प्रतिशत टूट चुका है. गिरावट के इन दो सत्रों में बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 9,69,740.79 करोड़ रुपये गिरकर 4,45,17,222.66 करोड़ रुपये (5.08 लाख करोड़ डॉलर) रह गया.
टैरिफ के दबाव में घरेलू बाजार
अमेरिका में भारतीय सामानों के आयात पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लागू हो जाने के अगले दिन गुरुवार को स्थानीय शेयर बाजारों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 706 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी में 211 अंकों की गिरावट रही.
बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ वृद्धि के अलावा विदेशी पूंजी की लगातार निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित करने का काम किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क बुधवार को लागू हो गया. इसके साथ ही भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका में कुल शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया.
क्या है मार्केट एक्सपर्ट्स की राय?
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 705.97 अंक यानी 0.87 प्रतिशत गिरकर 80,080.57 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 773.52 अंक गिरकर 80,013.02 पर आ गया था. एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 211.15 अंक यानी 0.85 प्रतिशत गिरकर 24,500.90 अंक पर बंद हुआ.
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से एचसीएल टेक, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहे. हालांकि टाइटन, लार्सन एंड टुब्रो, मारुति और एक्सिस बैंक के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “भारतीय वस्तुओं पर शुल्क लागू होने के बाद फैली निराशा के बीच घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए. कपास आयात शुल्क में छूट ने शुल्क प्रभावों का मुकाबला करने के लिए नीतिगत समर्थन की उम्मीदों को कुछ समय के लिए बढ़ा दिया लेकिन निवेशकों की मनोदशा नाजुक ही बनी रही.”
सरकार ने 50 प्रतिशत शुल्क का सामना कर रहे कपड़ा निर्यातकों की मदद के लिए कपास के शुल्क-मुक्त आयात को तीन महीने और बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया है. लेमन मार्केट्स डेस्क के विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा, “भारतीय शेयर बाजारों में लगातार दूसरे सत्र में बड़ी गिरावट देखने को मिली. चौतरफा बिकवाली के दबाव में मानक सूचकांक गिरकर बंद हुए. इसकी मुख्य वजह अमेरिकी शुल्कों से भारतीय निर्यात पर पड़ने वाले असर की आशंका रही. इसके अलावा विदेशी पूंजी की निकासी जारी रहने से भी बाजार दबाव में रहा.”
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